Feb 242009
 

शिरडीवाले सांईबाबा, आया है तेरे दर पे सवाली

हा…….
झमाने में कहा टूटी हुई तसवीर बनती है,
तेरे दरबार में बिगड़ी हुई तकदीर बनती है….

 

तारीफ तेरी,  निकली है दिल से,
आयी है लब पे,  बनके कव्वाली,
शिरडी वाले सांई बाबा, आया है तेरे दर पे सवाली….(2)

लब पे दुआए, आंखो में आंसु,
दिल में उम्मीदें, पर झोली खाली
शिरडीवाले सांईबाबा, आया है तेरे दर पे सवाली….(2)

दर पे सवाली आया है दर पे सवाली,
शिरडी वाले सांई बाबा, आया है तेरे दर पे सवाली…

ओ मेरे सांई देवा, तेरे सब नाम लेवा,
जुदा इनसान सारे, सभी तुझको हैं प्यारे,
सुने फरियाद सबकी, तुझे है याद सबकी,
बड़ा या कोई छोटा, नहीं मायूस लौटा,
अमीरों का सहारा, गरीबों का गुजारा,
तेरी रहमत का किस्सा ब्यान, अकबर करे क्या,
दो दिन की दुनिया, दुनिया है गुलशन,
सब फूल कांटे, तू सब का माली,
शिरडी वाले सांई बाबा, आया है तेरे दर पे सवाली…

खुदा की शान तुझमें, दिखें भगवान तुझमें,
तुझे सब मानते है, तेरा घर जानते है,
चले आते है दौड़े,जो खुश किस्मत है थोड़े,
ये हर राही की मन्जिल, ये हर कश्ती का साहिल,
जिसे सबने निकाला, उसे तूने सम्भाला,
जिसे सबने निकाला, उसे तूने सम्भाला…
तू बिछड़ों को मिलाये,बुझे दीपक जलाये…
ये गम की रातें, रातें ये काली,
इनको बनादे इद और दीवाली….
शिरडी वाले सांई बाबा, आया है तेरे दर पे सवाली….

लब पे दुआएँ, आँखो में आंसू,
दिल में उम्मीदें, पर झोली खाली,
शिरडी वाले सांई बाबा, आया है तेरे दर पे सवाली….(2)
शिरडीवाले सांईबाबा….
शिरडीवाले सांईबाबा….

 

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