May 282012
 

कुछ लेना ना देना मगन रहना

 

कुछ लेना ना देना मगन रहना |

पांच तत्व का बना है पिंजरा,
भीतर बोल रही मैना |

तेरा पिया तेरे घाट मै बसत है,
देखो री सखी खोल नैना |

गहरी नदिया नाव पुरानी,
केवटिया से मिल रहना |

कहत कबीर सुनो भई साधो,
प्रभु के चरण लिपट रहना |

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